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FIBA 2026 · टाइम-आउट और सब्स्टीट्यूशन

बास्केटबॉल में टाइम-आउट और सब्स्टीट्यूशन: कब मिलते हैं और कैसे काम करते हैं

FIBA 2026 के अनुसार टाइम-आउट की सीमा, खिलाड़ी बदलने के मौके और आखिरी मिनटों के विशेष नियमों पर व्यावहारिक गाइड।

प्रकाशित: अपडेट किया गया:

एक टीम को कितने टाइम-आउट मिलते हैं?

FIBA नियमों में हर टाइम-आउट 1 मिनट का होता है। एक टीम पहले हाफ में 2, दूसरे हाफ में 3 टाइम-आउट ले सकती है, लेकिन चौथे क्वार्टर में 2:00 या कम समय बाकी होने पर उनमें से अधिकतम 2 ही उपलब्ध होते हैं। हर ओवरटाइम में 1 टाइम-आउट मिलता है और बचा हुआ टाइम-आउट आगे नहीं जाता।

टाइम-आउट कब दिया जा सकता है?

आम तौर पर मौका तब शुरू होता है जब गेंद डेड हो, गेम क्लॉक रुकी हो और रेफरी ने स्कोरर टेबल से संवाद पूरा कर लिया हो। सफल आखिरी फ्री थ्रो के बाद भी मौका होता है और बास्केट के बाद न स्कोर करने वाली टीम के लिए भी। थ्रो-इन या पहले फ्री थ्रो के लिए गेंद खिलाड़ी को मिलते ही मौका समाप्त हो जाता है।

सब्स्टीट्यूशन कब किए जा सकते हैं?

सब्स्टीट्यूट स्कोरर टेबल पर प्रवेश का अनुरोध करता है। आम तौर पर डेड बॉल और रुकी हुई गेम क्लॉक की स्थिति में तथा सफल आखिरी फ्री थ्रो के बाद बदलाव किया जा सकता है। चौथे क्वार्टर या ओवरटाइम में 2:00 या कम समय बाकी होने पर बास्केट न स्कोर करने वाली टीम को बदलने का मौका देता है।

अंतिम समय की सीमाएं और दोबारा प्रवेश

चौथे क्वार्टर और हर ओवरटाइम के आखिरी 2:00 में स्कोर करने वाली टीम अपने ही बास्केट के तुरंत बाद टाइम-आउट या बदलाव नहीं पा सकती, जब तक रेफरी खेल न रोके। अभी बाहर गया या अंदर आया खिलाड़ी आम तौर पर गेम क्लॉक चलने के बाद अगली डेड बॉल तक दोबारा नहीं बदल सकता।

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